ऑक्सीजन रिसाव, नासिक एनएमसी अस्पताल में 22 मरीजों ने दम तोड़ा

वेंटीलेटर बेड पर रखे गए 22 रोगियों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण दम तोड़ दिया

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नासिक| महाराष्ट्र के नासिक एनएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन रिसाव के कारण वेंटिलेटर पर कम से कम 22 रोगियों ने दम तोड़ दिया। नासिक  राज्य में सबसे बड़े कोविड-19 हॉटस्पॉट में से एक के रूप में उभरा है।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से ऑक्सीजन का रिसाव हुआ और इसकी सप्लाई रुकने से वेंटीलेटर बेड पर रखे गए 22 रोगियों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण दम तोड़ दिया।

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब यह घटना घटी, तब अस्पताल में करीब 150 मरीजों का ऑक्सीजन बेड पर अन्य दो दर्जन से अधिक रोगियों का वेंटिलेटर बेड पर इलाज चल रहा था।

इधर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने 22 लोगों की मौत के कारणों का खुलासा करते हुए कहा कि वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन का दबाव कम होने से 22 लोगों की जान गई। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे एक बहुत ही गंभीर घटना बताया।

लोगों की मौत के बाद स्तब्ध परिजनों ने नागरिक अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एनएमसी नगर आयुक्त कैलाश जाधव ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है और सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

वहीँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह नासिक अस्पताल की त्रासदी के बारे में जानकर दंग हैं। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने त्रासदी पर शोक व्यक्त किया और उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने त्रासदी की पूरी जांच करने और दोषी पाए गए सभी लोगों को दंडित करने की मांग की।

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