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भय

भय जब आक्रामक हो जाता है

कोई भी मानसिक भाव अथवा विकार हो, केन्द्र स्थल तो शरीर होता है। अतः शरीर की महत्ता के लिये जहां अत्यधिक महत्वपूर्ण है वही इसका अंत अर्थात मृत्यु सर्वाधिक दुखद पहलू है। अतः भय अपने चरम मे…
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भय ने क्रोध को देव बना दिया

यह एक निर्विवाद सत्य है कि प्रागेतिहासिक काल के पूर्व से मानव क्रोध को किसी न किसी रूप में समझने का प्रयास करता रहा हैं। बिजली को कडकना, बादल का गरजना, पृथ्वी का भूकंप या ज्वालामुखी का…
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