मिली तो नहीं है मगर ढूँढता हूँ, ख़ुशी मैं तुझे दर-बदर ढूँढता हूँ
पिथौरा| मिली तो नहीं है मगर ढूँढता हूँ, ख़ुशी मैं तुझे दर-बदर ढूँढता हूँ… उक्त पंक्तियाँ सुपरिचित कवि अशोक शर्मा ने मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर श्रृंखला साहित्य मंच द्वारा आयोजित काव्य…
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